एक बार नानक काशी के पास एक गांव में प्रवचन दे रहे थे . प्रवचन के बीच में उन्होंने कहा सफलता के लिए प्रत्येक व्यक्ति को आशावादी होना चाहिए।प्रवचन ख़त्म होने के बाद एक भक्त ने पूछा,गुरु जी ,क्या किसी चीज की आशा करना ही सफलता की कुंजी है .नानक ने कहा नहीं केवल आशा करने से कुछ नहीं मिलता।मगर आशा रखने वाला मनुष्य ही कर्मशील होता है लेकिन उस आदमी की समझ में ये बाते नहीं आ रही थी उसने कहा गुरूजी आप की बाते मेरे समझ में
Sunday, 11 November 2012
aasha ka deep jalao
एक बार एक नानक काशी के पास गांव मे प्रवचन दे रहे थे . प्रवचन के बीच में उन्होंने कहा ,सफलता के लिया प्रत्येक वाय्कित को आशावादी होना चाहिए . प्रवचन ख़त्म होने के बाद एक भक्त ने पूछा गुरु जी क्या किसी चीज की आशा करना ही सफलता की कुंजी है .नानक ने कहा नहीं केवल आशा करने से कुछ नहीं मिलता .मगर आशा रखने वाला मनुष्य ही कर्मशील होता है लेकिन उस आदमी की समझ में कए बाते नहीं आ रही थी .उसने कहा गुरूजी आप की बाते मेरी समझ में नहीं आ रही है .उस समय खेतो में गेहू की कटाई हो रही थी तेज गर्मी पर रही थी .नानक नि कहा ,चलो मेरे साथ .तुम्हारे
Thursday, 8 November 2012
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