आ रे ,चंदा मामा आ ,
अपनी विमल चाँदनी ला .
धरती पर अँधियारा है ,
तू उजियारा लेकर आ .
खीर पकाई है माँ ने ,
जल्दी से आकर खा जा .
माँ भी खुश हो जाएगी ,
तभी बजाउंगा बाजा .
किरणों की डोरी थामे ,
अंबर से नीचे तो आ .
तू माँ का भैया है तो ,
जल्दी मेरे घर आ जा .
अपनी विमल चाँदनी ला .
धरती पर अँधियारा है ,
तू उजियारा लेकर आ .
खीर पकाई है माँ ने ,
जल्दी से आकर खा जा .
माँ भी खुश हो जाएगी ,
तभी बजाउंगा बाजा .
किरणों की डोरी थामे ,
अंबर से नीचे तो आ .
तू माँ का भैया है तो ,
जल्दी मेरे घर आ जा .
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